जो आदमी अभी तक
गहरी उदासीनतओं में
डूबी हुई थी
अचानक 
सियासत की बातों से
आंदोलित हो गया
जैसे उसे कुछ मिल गया हो
और चले गए पीछे पीछे
अपने हुक्मरानों के