रंग चढ़ाओ इस तरह
प्रेम बढ़े जिस तरह

जिंदगी का क्या भरोसा
फिर मिलेगी ये किस तरह

प्रेम धुन में हो के मगन
मीरा नाची थी जिस तरह

सच कभी हारता नहीं
प्रहलाद बच गए थे जिस तरह

सुध-बुध खो गईं गोपियॉं
कान्हा ने बांसुरी बजाई इस तरह

होली मुबारक हो सभी को
भगवान से प्रार्थना की इस तरह