मेरा दर्द कुछ इस तरह से था
सिर्फ मेरी बातें दीवारें सुनते हैं
बेशक तुम्हें नासमझ लगे
फिर भी मेरे दिल की सुनते हैं
तुमने तो इधर उधर की बातें किए
मैं कहता रहता हूॅ॑ वो ध्यान से सुनते हैं